तेहरान के इस डरावने बिलबोर्ड ने खोल दी अमेरिका और ईरान युद्ध की पोल

तेहरान के इस डरावने बिलबोर्ड ने खोल दी अमेरिका और ईरान युद्ध की पोल

ईरान की राजधानी तेहरान का इंकलाब स्क्वायर इन दिनों पूरी दुनिया के लिए एक खौफनाक चेतावनी का केंद्र बन चुका है। वहां एक विशालकाय होर्डिंग लगाया गया है। इस होर्डिंग पर किसी फिल्म का पोस्टर नहीं है। वहां सीधे तौर पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लाश को एक काले ताबूत में लेटे हुए दिखाया गया है। उनकी आंखें बंद हैं, बाल बिखरे हुए हैं और चेहरे पर मौत का सन्नाटा है। इस पोस्टर के ऊपर साफ-साफ अंग्रेजी और फारसी में लिखा गया है कि हम ट्रंप को मार डालेंगे।

यह महज एक सरकारी प्रोपेगैंडा नहीं है। यह सीधे तौर पर दुनिया के सबसे ताकतवर देश के राष्ट्रपति को दी गई खुली धमकी है। अगर आप सोच रहे हैं कि यह सिर्फ बयानबाजी है, तो आप पूरी तरह गलत हैं। इस होर्डिंग के पीछे की कहानी इतनी खौफनाक है कि यह अमेरिका और ईरान के बीच चल रही एक विनाशकारी जंग की असलियत बयां करती है। यह वो सच है जिसे मुख्यधारा का मीडिया अक्सर आपसे छिपा जाता है।

मौत के इस पोस्टर के पीछे छुपा वो गहरा दर्द

ईरान के इस गुस्से के पीछे सिर्फ राजनीतिक नफरत नहीं है। इस बिलबोर्ड के नीचे कुछ छोटे अक्षरों में लिखा है "मीनाब के बच्चों की याद में"। दरअसल इसी साल 28 फरवरी को दक्षिणी ईरान के मीनाब शहर में एक प्राथमिक स्कूल पर अमेरिकी हमला हुआ था। उस भीषण हमले में 120 बच्चियों समेत कुल 150 से अधिक निर्दोष लोगों की जान चली गई थी।

ईरान की जनता के मन में यह घाव बेहद गहरा है। इस हमले के बाद से ही ईरान के कट्टरपंथी अमेरिका से बदला लेने के लिए बेताब हैं। जब पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हुई, तो पूरे देश में जनाजे के दौरान "अमेरिका की मौत" और "ट्रंप को मार डालो" के नारे गूंज रहे थे। यह बिलबोर्ड उसी सुलगती हुई नफरत का एक जीवंत रूप है।

क्या सच में ट्रंप की जान को खतरा है

इस सवाल का सीधा और सपाट जवाब है हां। इजरायली खुफिया एजेंसियों ने हाल ही में अमेरिका को आगाह किया है कि ईरान के कुछ ग्रुप्स ट्रंप की हत्या की बड़ी साजिश रच रहे हैं। खुद डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान माना था कि वह ईरान की हिट लिस्ट में सबसे ऊपर हैं। उन्होंने बेहद बेबाक अंदाज में कहा था कि वह अपनी किस्मत के भरोसे चल रहे हैं और ईरान के इन इरादों को कुचलना बेहद जरूरी है।

यह कोई पहला मौका नहीं है जब ट्रंप पर हमले की कोशिश हुई हो। इससे पहले भी अमेरिका के भीतर उन पर जानलेवा हमले की कोशिशें हो चुकी हैं। अब जब ईरान जैसा परमाणु क्षमता के करीब खड़ा देश खुलकर उन्हें निशाना बनाने की बात कर रहा है, तो अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां बेहद चौकन्नी हो गई हैं।

दोनों देशों के बीच सीजफायर का पूरी तरह टूटना

लगभग तीन हफ्ते पहले दोनों देशों के बीच जो शांति समझौता हुआ था, वह अब पूरी तरह कागजी साबित हो चुका है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह हॉर्मुज जलडमरूमध्य से बिना अपनी मर्जी के किसी भी अमेरिकी जहाज को गुजरने नहीं देगा। यह वही अहम रास्ता है जहां से दुनिया का बीस फीसदी तेल और गैस गुजरता है।

जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के कमांड सेंटरों और मिसाइल ठिकानों पर भीषण बमबारी शुरू कर दी है। अमेरिका के सेंट्रल कमांड ने हाल ही में ईरान के बंदर अब्बास बंदरगाह समेत कई तटीय ठिकानों को तबाह करने का दावा किया है। इस टकराव से साफ है कि आने वाले दिनों में यह जंग और खतरनाक मोड़ लेने वाली है।

ट्रंप का वो पलटवार जिसने पूरी दुनिया को डरा दिया

ईरान की धमकियों का जवाब डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ही अंदाज में दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर चेतावनी देते हुए लिखा कि उनके पास एक हजार मिसाइलें तैयार खड़ी हैं। अगर ईरान ने उन पर या किसी अमेरिकी नागरिक पर आंच भी आने की कोशिश की, तो ईरान को पूरी तरह से तबाह कर दिया जाएगा। ट्रंप का दावा है कि उन्होंने अमेरिकी सेना को ऐसे आदेश दे रखे हैं जो उनके न रहने पर भी ईरान के वजूद को मिटा देंगे।

यह बयान साफ दिखाता है कि कूटनीति के सारे दरवाजे अब बंद हो चुके हैं। बातचीत की जगह अब सिर्फ बारूद और धमकियों ने ले ली है। ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने खुलेआम अपने पिता की मौत का बदला लेने का संकल्प दोहराया है।

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अब आगे क्या होने वाला है

पश्चिम एशिया का यह संकट अब केवल दो देशों की लड़ाई नहीं रहा। यह पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिलाने का दम रखता है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगी हैं। अगर ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद करने में कामयाब रहता है, तो दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत पैदा हो जाएगी।

फिलहाल स्थिति को संभालने के लिए वैश्विक नेताओं को तुरंत हस्तक्षेप करना होगा। अमेरिका को अपनी आक्रामक नीति पर दोबारा विचार करने की जरूरत है। वहीं ईरान को यह समझना होगा कि ऐसी खूंखार बयानबाजी और धमकियां केवल तबाही का रास्ता साफ करती हैं। इस बेहद नाजुक मोड़ पर कोई भी छोटी सी भूल पूरी दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की आग में धकेल सकती है।

WA

William Anderson

William Anderson is a seasoned journalist with over a decade of experience covering breaking news and in-depth features. Known for sharp analysis and compelling storytelling.